22, అక్టోబర్ 2011, శనివారం

माधुर्य का उदाहरण हेमंत कुमार

हेमंत कुमार के नाम से प्रसिद्ध हेमंता कुमार मुखोपाद्ध्याय हिन्दी और बंगाली चित्रों के प्रमुख गायक एवं संगीत निर्देशक थे। उनकी मातृ भाषा बंगाली थी। उनका जन्म 16 जून, 1920 को बनारस मे हुआ था पर उनका पालन पोषण कलकत्ता में हुआ । उन्होने "नागिन" (1954) चित्र के संगीत के लिए फिल्मफेर पुर्स्कार भी जीता। सन 1989 के सितम्बर मास मे वे धाका (बंगलादेश) गए थे। वहाँ से लौटने के तुरन्त उन्हे दिल का दौरा पडा, उसी मास के 26वी तिथी को कलकत्ता मे उनका निधन हुआ।

मेरे पास हेमंत कुमारजी की जो स्टैंप है उसे आप देख सकते है।

उनका एक गाना मै यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ।

यह गाना "नागिन" (1954) फिल्म से है। अगर आप माँगे तो मै इस गाने का आडियो भेज सकता हूँ। इस गाने को मै ने पेहली बार रेडियो पर सुना था। इस गाने के बोल ऐसे है.....  

अरी छोड दे सजनिया छोड दे पतंग मेरी छोड दे
ऐसे छोडूँ ना बलमवा नैनवा के डोर पेहले जोड दे
अरी छोड दे सजनिया छोड दे पतंग मॅरी छोड दे
ऐसे छोडूँ ना बलमवा नैनवा के डोर पेहले जोड दे

आशाओं का मांजा लगा रंगी प्यार से डोरी
तेरे मोहल्ले उडते उडते आई चोरी चोरी
बैरी दुनिया कही ना तोड दे पतंग मेरी छोड दे
ऐसे छोडूँ ना बलमवा नैनवा के डोर पेहले जोड दे

अरमानों की डोर लूटने खडे है दुनियावाले बानके चरखेवाले
ऊँछे नील गगन मे छोड दे पतंग मेरी छोड दे
ऐसे छोडूँ ना बलमवा नैनवा के डोर पेहले जोड दे

देख चली ये संग हवा के बलखाती इतलाती
सैय्या बलखाती इतलाती
चीर के बैरी जग का सीना गीत प्यार के गाती
देखो गीत प्यार के गाती
है किस मे इतना जोर जो काटे डोर जो सामने आए ना
फिर मेरी अथरिया पे छोड दे पतंग सय्या छोड दे
ऐसे छोडूँ ना सजनिया नैनवा की डोर पेहले जोड दे

सैय्या छोड दे पतंग मेरी छोड दे
गोरी नैनवा की डोर पेहले जोड दे
सैय्या छोड दे पतंग मेरी छोड दे

गायक - हेमंत कुमार, लता मंगेशकर
संगीत निर्देशक - हेमंत कुमार
बोल - राजेंद्र क्रिशन
कलाकार - प्रदीप कुमार, वैजयंतीमाला और अन्य   

(अगर कोई गलतियाँ हो तो बताइएँ।)